आर्मी ऑफिसर के बेटे हैं सुरेश रैना, सचिन की जगह टीम में मिला था मौका

सुरेश रैना भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। मध्य क्रम के विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में नाम कमा चुके रैना आर्मी ऑफिसर त्रिलोकचंद रैना के बेटे हैं। पिता की ही तरह वह भी विपक्षी खिलाड़ी पर टूट पड़ने में विश्वास रखते हैं, फर्क बस इतना है कि पिता युद्ध के क्षेत्र में और बेटा क्रिकेट की पिच पर।

आपको वर्ल्ड कप के मौके पर खिलाड़ियों की ‘पर्सनल प्रोफाइल सीरीज’ के तहत टीम इंडिया के मध्य क्रम के दिग्गज बल्लेबाज सुरेश रैना के बारे में कुछ महत्वपूर्ण FACTS बता रहा है।

मूल रूप से कश्मीर के रहने वाले
सुरेश रैना के पिता कश्मीरी पंडित हैं। वे श्रीनगर में रहते थे, लेकिन सुरेश के जन्म से पहले यानी 1980 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आकर बस गए। यहीं सुरेश रैना का जन्म हुआ और यहीं वे पले-बढ़े। सुरेश रैना चार भाई, एक बहन हैं। सुरेश से बड़े तीन भाई दिनेश, नरेश, मुकेश और बहन रेनू हैं।
सचिन की जगह मिला पहला मौका
सुरेश रैना को टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन में पहला मौका सचिन की जगह मिला था। श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम के धुरंधर बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर चोटिल थे और सौरव गांगुली पर एक मैच का प्रतिबंध लगा हुआ था। फिर क्या था। रैना का 30 जुलाई, 2005 को टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने का सपना भी पूरा हो गया।

पहले मैच में शून्य पर हुए आउट
पहले मैच में रैना को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा गया। उन्हें मुथैया मुरलीधरन ने पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट किया। रैना ने मैच में दो गेंदें कीं और चार रन दिए।
सुरेश रैना बचपन में सुबह साढ़े चार बजे ही खेलने के लिए चले जाते थे। इस बात से अक्सर उनके बड़े भाई नरेश गुस्सा होते थे। दरअसल, गुस्से का कारण खेलना नहीं था, बल्कि वे रैना को पांच बजे पढ़ने के लिए उठाते थे, लेकिन रैना पहले ही गायब हो जाते थे। सुरेश रैना ने आठवीं तक की पढ़ाई मुरादनगर में की। इसके बाद उसका लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज चले गए। जहां उन्होंने बीए ऑनर्स तक की पढ़ाई पूरी की।
2002 में रैन को उत्तर प्रदेश टीम में शामिल किया गया। इस समय उनकी उम्र साढ़े 15 साल थी। विभिन्न टूर्नामेंट्स में प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन इंग्लैंड टूर के लिए अंडर-19 टीम में किया गया। यहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। इसके बाद उन्हें श्रीलंका दौरे पर अंडर-17 टीम में भी जगह दी गई।
सुरेश रैना ने उत्तर प्रदेश के लिए फरवरी, 2003 में असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। हालांकि, इस साल उन्हें कोई और मैच नहीं खेलने को मिला। इसी दौरान वे 2003 में पाकिस्तान और एशियन वनडे चैम्पियनशिप (अंडर-19) के लिए भी टीम में सिलेक्ट किए गए। लेकिन वे चर्चा में अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान आए। उन्होंने वर्ल्ड कप में तीन पचासे जड़े। सबसे खास पारी 38 गेंदों में 90 रन की रही।
सुरेश रैना पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल की बेटी पूर्णा से अफेयर को लेकर भी लाइम लाइट में रहे। दोनों के अफेयर की चर्चा साईं मंदिर में पूजा करते समय की तस्वीर सामने आने के बाद से शुरू हुई। इसके बाद अक्सर पूर्णा पटेल भारत में होने वाले मैचों के दौरान स्टेडियम में नजर आती रहीं। हालांकि, रैना ने पूर्णा के बारे में कभी कुछ कहा नहीं। इसके अलावा, उनका नाम श्रुति हासन से भी जोड़ा गया।

टेस्ट शतक
> सुरेश रैना ने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट शतक बनाया है। मैच ड्रॉ रहा।
टी-20 शतक
> 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 101 रन बनाए। भारत जीता।

आईपीएल के दौरान शतक

संख्या रन गेंद 4 6 टीम खिलाफ स्थान साल रिजल्ट
1 100* 53 7 6 चेन्नई सुपरकिंग्स किंग्स इलवन पंजाब एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई 2013 जीत
2 109* 62 6 8 चेन्नई सुपरकिंग्स कोलकाता नाइटराइडर्स एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई
सुरेश रैना की वनडे शतकीय पारी
शतक रन खिलाफ स्थान कब रिजल्ट
1 102 हांगकांग नेशनल स्टेडियम, कराची (पाकिस्तान) 2008 जीत
2 116 बांग्लादेश नेशनल स्टेडियम, कराची (पाकिस्तान) 2008 जीत
3 106 श्रीलंका शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम, बांग्लादेश 2010 हार
4 100 इंग्लैंड कार्डिफ स्टेडियम (इंग्लैंड) 2014 जीत
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Abhishek Mourya

ज़िंदगी का हिस्सा है लिखना, सुकून मिलता है. कभी पन्नों पर कभी चेहरों पर, जो पढ़ता हूं लिख देता हूं. अपना काम बस कलम से कमाल करने का हैं

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