पहली बार WC में भारत-पाकिस्तान मैच में नहीं होंगे तेंडुलकर

मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया जब पाकिस्तान के खिलाफ 15 फरवरी को ऐडलेड पर वर्ल्ड कप में अपने अभियान का आगाज करेगी तो सचिन तेंडुलकर की कमी सभी को खलेगी। वर्ल्ड कप में इन दोनों देशों के बीच होने वाले किसी मैच में तेंडुलकर पहली बार मैदान पर नहीं होंगे

24 साल के शानदार करियर के बाद खेल को अलविदा कह चुके तेंडुलकर ने वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए पांचों मैच खेले थे। तेंडुलकर ने ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड में हुए 1992 वर्ल्ड कप में पदार्पण किया था और पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 54 रन बनाए थे। इसके अलावा उन्होंने आमिर सोहेल का विकेट भी लिया था।

चार साल पहले मोहाली में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 85 रन बनाकर उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ वर्ल्ड कप में तीसरी बार मैन ऑफ द मैच जीता था। इस वर्ल्ड कप में भारत ने श्रीलंका को फाइनल में हराकर खिताब अपने नाम किया था।

तेंडुलकर ने 1996 वर्ल्ड कप में बेंगलुरु में पाकिस्तान के खिलाफ 31, ओल्ड टैफर्ड में 45 और साउथ अफ्रीका के सेंचुरियन पार्क में 2003 में 98 रन बनाए थे। इस बीच सिर्फ एक बार 2007 में वेस्ट इंडीज में हुए वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान जल्दी बाहर हो गए थे, जिससे दोनों टीमों का सामना नहीं हो सका।

तेंडुलकर ने वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ पांच मैचों में 78.05 की औसत से 313 रन बनाए। पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में भारत के सिर्फ दो और बल्लेबाजों मोहम्मद अजहरुद्दीन ने (तीन मैचों में 118) और राहुल द्रविड ने (दो मैचों में 105) 100 से अधिक रन बनाए हैं।

साउथ अफ्रीका में 12 साल पहले तेंडुलकर ने वसीम अकरम, वकार युनूस और शोएब अख्तर जैसे गेंदबाजों के सामने 75 गेंद में 98 रन बनाए थे। अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माय वे’ में उन्होंने कहा, ‘यह मेरी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक थी, क्योंकि काफी दबाव में मैंने इसे खेला था।’ उन्होंने कहा, ‘दोनों टीमों के लिए यह बड़ा मैच था। मैं मैच से पहले तीन रात तक सो नहीं सका। यदि मैं कभी कोई मैच जीतना चाहता था तो यही था। हमारे कई प्रशंसकों के लिये यही असली फाइनल था।’

तेंडुलकर ने लिखा, ‘मैच से घंटों पहले मैदान गूंज रहा था। खेल अपने चरम पर था। इसी के लिए मैंने क्रिकेट खेला, अपनी टीम के लिए क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाम पर चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ। राष्ट्रगीत सुनकर और साथ गाकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए।’

उस मैच में पाकिस्तान ने सईद अनवर के 101 रन की मदद से सात विकेट पर 273 रन बनाए थे। तेंडुलकर ने अपने सलामी जोड़ीदार वीरेंद्र सहवाग से कहा कि वह पहले स्ट्राइक लें और आक्रमण से पहले उन्हें शुरुआती ओवर संभलकर खेलने होंगे। हालांकि, तेंडुलकर ने पहले ही ओवर में अकरम को चौका लगाया और सहवाग ने भी ऐसा ही किया। शोएब ने दूसरा ओवर फेंका और तेंडुलकर ने लिखा है कि यह मैच का निर्णायक ओवर साबित हुआ।

सचिन ने पहले थर्डमैन पर शोएब की गेंद पर छक्का मारने के बाद स्क्वेयर लेग पर चौका और फिर एक और स्ट्रेट चौका लगाया। उस ओवर में 18 रन बने। उसके बाद दोनों ने वकार को निशाना बनाया। तेंडुलकर ने लिखा, ‘हमारी बॉडी लैंग्वेज आक्रामक हो गई थी। मैंने वकार को दूसरा चौका जड़ा तब मैच हमारी गिरफ्त में था। हमने गेंदबाजों को दबाव में रखा।’

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Abhishek Mourya

ज़िंदगी का हिस्सा है लिखना, सुकून मिलता है. कभी पन्नों पर कभी चेहरों पर, जो पढ़ता हूं लिख देता हूं. अपना काम बस कलम से कमाल करने का हैं

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