रफ़्तार की सौदागर – अलीशा अब्दुल्लाह है भारत की पहली महिला रेसिंग चैंपियन

एक ज़माना था जब लड़कियों का स्पोर्ट्स में जाना सही नहीं समझा जाता था.एक ज़माना वो आया जब लड़कियों ने अंतर्राष्ट्रीय खेलों में मेडल जीत कर भारत का नाम रौशन किया. ये आज का ज़माना है, जब लड़कियां मोटर रेसिंग में अपना नाम बना रही हैं.मिलिए अलीशा अब्दुल्लाह से, जो हवा को भी हवा से बातें करवा दें.

अगर आप सर्किट रेसिंग फॉलो करते हैं, तो ये नाम आपने पहले भी सुना होगा. चेन्नई की अलीशा अब्दुलाह हैं पूर्व रेसर आर. ऐ. अब्दुल्लाह की बेटी. अलीशा की शुरुवात हुई सबसे पहले 11 साल की उम्र में गो-कार्टिंग से. फिर धीरे-धीरे उनका इंटरेस्ट इस खेल में इतना बढ़ गया कि उन्होंने 13 साल की उम्र में MRF National Go-Karting Championship जीत ली. इसी साल उन्हें National Level Formula Car Racing Championship में भी Best Newcomer का अवार्ड मिला.


India first female motor racing champion Alisha Abdullah


ये तो बस रफ़्तार की शुरुआत थी

साल 2004 में, 15 साल की अलीशा ने JK Tyre National Racing Championship में टॉप 5 में जगह बनाई और भारत को मिली उसकी सबसे सनसनीखेज़ फीमेल बाइक रेसर. बाइक रेसिंग में उनका प्यार इस क़दर बढ़ा कि अलीशा धीरे-धीरे बाइक क्वीन बन गईं. इस टाइम तक शायद ही किसी लड़की ने बाइक रेसिंग में इतना नाम कमाया हो.


India first female motor racing champion Alisha Abdullah


2010 में फिसले पहिए

अलीशा और उनकी रफ़्तार का कोई मुक़ाबला नहीं होता अगर 2010 में उनका एक्सीडेंट नहीं होता. अपने इस एक्सीडेंट के बाद अलीशा ने बाइक रेसिंग को अलविदा कह मोटर यानि 4 व्हीलर रेसिंग शुरू कर दी.


India first female motor racing champion Alisha Abdullah


लड़के मारते थे जानबूझ कर टक्कर

रेसिंग एक मेल-डॉमिनेटेड स्पोर्ट होने की वजह से जब कोई लड़की उसमें इतनी आगे बढ़ जाए, तो वो बहुत सारे Male Ego को रौंदते हुए आगे बढ़ती है, यही अलीशा के केस में हुआ. उनको कई बार लड़कों ने बाइक रेसिंग के दौरान ज़बरदस्ती टक्कर मारने की कोशिश की. मुझे जब भी कोई टक्कर मारता, मेरे पास उसके लिए हमेशा जवाब होता था. लेकिन एक्सीडेंट के बाद मैंने फैसला किया कि मैं बाइक रेसिंग छोड़ दूंगी. उनके हमलों के डर से नहीं, बल्कि अपनी चोट की वजह से.


India first female motor racing champion Alisha Abdullah


 

फ़िल्मी सफर भी तय किया रेसर ने

इस धाकड़ रेसर ने 2014 में एक तमिल फिल्म ‘ईरुम्बु कुथिरयी’ में भी काम किया और इस साल भी उनकी एक और फ़िल्म आने वाली है. जो लोग उनके पेशे के बारे में नहीं जानते, उन्हें वो किसी स्टार से कम नहीं लगती. कुछ लोग तो ये सोच कर ही डर जाते होंगे कि वो इतनी खतरनाक रेसर भी हैं.


India first female motor racing champion Alisha Abdullah


खैर, ये सब तो उनकी सफलता का एक हिस्सा है. जिस वजह से उन्हें जाना जाता है, वो ये है कि वो भारत में मोटर रेसिंग के क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक नया मुकाम हासिल कर रही हैं. उनको देख कर बहुत सी लड़कियां इस रफ़्तार के खेल को खेलने की कोशिश करेंगी.



 

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Abhishek Mourya

ज़िंदगी का हिस्सा है लिखना, सुकून मिलता है. कभी पन्नों पर कभी चेहरों पर, जो पढ़ता हूं लिख देता हूं. अपना काम बस कलम से कमाल करने का हैं