इस गाँव में ढूंढने से भी आपको कूड़े का तिनका नहीं मिलेगा।

हिमाचल के किन्नौर जिले का रक्षम गांव आज कई गांवों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुका है। इस गांव में करीबन 20 वर्ष की औसत आयु के लोगों के सहयोग से विशाल स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।


Rakcham Village - The most cleanest village in india


इस अभियान के चलते गांव के 150 परिवारों को ग्राम पंचायत की तरफ से मुफ्त डस्टबिन और झाड़ू बांटे गए। रक्षम गांव में कई सालों से सफाई अभियान चल रहा है। इसकी इस सफलता का कारण यह है कि यहाँ के स्थानीय लोगों की इस अभियान में भागेदारी रही है। इस दो हजार की आबादी वाले गांव में सफाई अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए वार्ड स्तर पर कई कमेटियां बनाई गई है। इस गांव के चर्चे आज आस-पास के गांव में सुनने को मिल सकते हैं।


Rakcham Village - The most cleanest village in india


सफाई मिशन पर बराबर निगरानी के लिए ग्रामीणों की कमेटी गठित की गई है। यह कमिटी गांव की साफ़-सफाई पर सुव्यवस्थित तरीके से नज़र रखती है। गांव के सफाई अभियान का ज़िम्मा दस वार्डों में दस-दस सदस्यों की कमेटी को सौपा गया है। इन कमेटी के सदस्यों को वर्दी, मास्क, झाड़ू और इत्यादि सफाई से जुड़े सामान दिए गए है। गांव में समय-समय पर दवाओं का छिड़काव भी किया जाता है। सफाई अभियान को लेकर इनकी ये लगन और दृढ़ इच्छा को देखकर रक्षम गांव को 2008 में निर्मल ग्राम पुरस्कार और 2015 में जिला स्तर का महर्षि वाल्मीकि स्वच्छता पुरस्कार से नवाज़ा गया।


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रक्षम गांव के प्रधान टीकम सिंह का कहना है कि उनका दृढ़ निश्चय है कि इस गांव का हर घर, गली, रास्ता और पूरा गांव साफ़-सुथरा बना रहे। उन्होंने कहा कि यह गांव अन्य गांवों के लिए मिसाल और प्रेरक बन सकता है। अपनी बात को जारी रखते हुए प्रधान ने यह भी बताया कि जो वार्ड सबसे ज्यादा साफ रहेगा, उसे 15 अगस्त को पंचायत पुरस्कृत करेगी।


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वाकई में अगर देश का हर इंसान यही सोच रखे तो वो दिन दूर नहीं जब हमारे आस-पास का वातावरण एक दम स्वच्छ होगा। बस जरूरत है आपके एक कदम उठाने की। आप एक कदम उठाएंगे तो सामने वाला दो कदम उठाएगा।



 

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Abhishek Mourya

ज़िंदगी का हिस्सा है लिखना, सुकून मिलता है. कभी पन्नों पर कभी चेहरों पर, जो पढ़ता हूं लिख देता हूं. अपना काम बस कलम से कमाल करने का हैं